सत्य
सत्य
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हाथ खाली हो तो कोई साथ
नहीं देता है
छलांग जब ऊँची लगती है
तो कोई गिराने की सोच
नहीं सकता है
इंसान तो सब एक जैसे हो
सकते हैं
पर हर रूप में अलग हो
सकते हैं
तुम्हारे वक्त कैसा है यह
देखकर
हर कोई बात करता है
अच्छा व बुरा हो वह
तुम पर निर्भर करता है
दूसरों के महल में सोने
से अच्छा
खुद के बनाए महल में
सोने का मज़ा कुछ
अलग ही होता है
