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Shivam Rao

Others

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Shivam Rao

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सपना

सपना

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खुली आॅंखों से दिखा सपना था

एक दिन पूरा कर जाओगे

कुछ ऐसा कर दिखाएंगे की

दुनिया वाले अब आवारा न बोलेंगे ओर न हँसी उड़ायेंगे

एक दिन अपने फीड के पक्के

खिलाड़ी बन जायेगे

अब देखो सपना सच सा

हो गया है

मैं अपनी फीड का खिलाड़ी होता जा रहा हूँ

नौकरी मिले या न मिले खुश हूॅं कि कमाल करता करता

सपनों को सच में जी पा रहा हूँ


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