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Neeraj pal

Children Stories

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Neeraj pal

Children Stories

स्कूल (वर्णमाला पर आधारित)

स्कूल (वर्णमाला पर आधारित)

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अच्छा है पढ़ना और लिखना।

आदत डालो रोज स्कूल को जाना।

 इज्जत बहुत यहाँ है मिलती।

 ईश कृपा की महिमा बरसती।

उस पर मिलता एमडीएम का खाना।

 ऊँच-नीच का कोई भेद न जाना।

 एक बार जाकर के तो देखो।

 ऐवबीनी को दूर तुम फेखो।

ओलम को तुम ठीक से सीखो।

और अच्छी तरह से बोलना सीखो।

 अंको का ज्ञान भी यहाँ होता।

अहा! कितना सुंदर स्कूल है होता।

 कसरत और खेल भी यहाँ होता।

 गीत मधुर का घंटा बजता।

 चहल-पहल छात्रों की यहाँ होती।

जान -बूझकर झगड़े की कोई नौबत ना होती।

टहलना रोज और ठंडी हवा में कसरत करना।

 डंण्ड- बैठक करना पर ढील मत डालना।

 तमीज़ सीखना और थकना मत कभी भी।

दहशत और धोखा में मत पड़ना कभी भी।

यदि बनना चाहते तुम राष्ट्र के निर्माता।

लगन होती जिसमें और विद्यालय से नहीं डरता।

शेष जीवन का हल यह निकालो।

क्षमाशील है त्रिशूल, ज्ञान को संभालो।



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