सब बदल गया
सब बदल गया
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नये जमाने में देखो
सब बदल गया।
खत खो गया कलम का साथ
बदल गया।
खतों के इंतजार का मजा
खो गया।
इंतजार के पलों का साथ
खो गया।
देहलीज पर इंतजार का नज़ारा
खो गया।
राह तकते नयनों का इंतजार
ना रहा।
बूढ़ी मां का हाल अब अनजान
ना रहा।
सरहद के वीरों का पैगाम
रोज मिले।
मोबाइल से देख
रोज चेहरे खिले।
इस चमत्कार को अब
पल पल है नमन।
