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SURYAKANT MAJALKAR

Others

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SURYAKANT MAJALKAR

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सौंदर्य

सौंदर्य

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मेरी दृष्टी में तो सारी बातें मुझे

सौंदर्य की परिभाषा के लिए

सही लगती है, जो मेरी हृदय

को पवित्र लगती है।


तुम्हारी तन को सुंदरता प्रदान

करती ये कला लुभाती है,

आनंद देती है।

जो तुम्हें भाता है, वह तुम करो।

दूसरों के अविचारों का मतलब

'शून्य' है।


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