STORYMIRROR

SURYAKANT MAJALKAR

Others

2  

SURYAKANT MAJALKAR

Others

सौंदर्य

सौंदर्य

1 min
159

मेरी दृष्टी में तो सारी बातें मुझे

सौंदर्य की परिभाषा के लिए

सही लगती है, जो मेरी हृदय

को पवित्र लगती है।


तुम्हारी तन को सुंदरता प्रदान

करती ये कला लुभाती है,

आनंद देती है।

जो तुम्हें भाता है, वह तुम करो।

दूसरों के अविचारों का मतलब

'शून्य' है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन