STORYMIRROR

RASHI SRIVASTAVA

Others

2  

RASHI SRIVASTAVA

Others

रोते रोते हंसना

रोते रोते हंसना

1 min
376

शादी के मंडप में बैठी

दो दो भाव मन में थे


नए जीवन की थी शुरुआत

पर अपने थे बिछड़ रहे


दिल में खुशी तो बेहद थी

पर आंखों में आंसू थे


कल ना दिखेंगे मां पापा

साजन के उस आंगन में


खो जाएगा प्यार दुलार

जो था मां के आंचल में


सोच सोच दिल बैठ गया

आंखों से आंसू बहने लगे


पापा ने फिर गले लगाया

और प्यार से कहने लगे


बेटी तू है गर्व मेरा

प्यार मेरा सौभाग्य मेरा


दस्तूर समाज का हमें निभाना

तू भी निभा कर्तव्य तेरा


हर पल तेरे साथ हूं मैं

कहीं नहीं मैं दूर जरा


उनके प्यार भरे शब्दों से

दूर हो गया मेरा दुख


चेहरे पर मुस्कान आ गई

विदा हुई मैं फिर खुश खुश I



Rate this content
Log in