STORYMIRROR

Manu Sweta

Others

3  

Manu Sweta

Others

प्रिय बसंत

प्रिय बसंत

1 min
266

प्रिय बसंत जब भी

तुम आते हो

कितनी खुशियां

साथ मे लाते हो


सूखी डाली फिर से

हरिया जाती है

कोयल मतवाली होकर

गीत खुशी के गाती है

गौरी का मन भी इतराता है


जब कोई झोका हवा का

मन को छू जाता है।


Rate this content
Log in