STORYMIRROR

शाह फैसल सुखनवर

Others

4  

शाह फैसल सुखनवर

Others

पल पल में जज़्बात बदलते हैं

पल पल में जज़्बात बदलते हैं

1 min
321


पल पल में जज़्बात बदलते हैं

लोग यहां अब साथ बदलते हैं


लहज़ों में तब्दीली लाकर क्यों

तू से तुम,तुम से आप बदलते हैं


चुगली करके वो पीछे मेरी

मेरे आगे बात बदलते हैं


अब मेरे कितने हमसाए हैं

अब मेरे हालात बदलते हैं


जिनके दिल में हो नफरत काबिज़

उनके दिल ख़ाक बदलते हैं


तुम बदलोगे आज हक़ीक़त को

हम भी फैसल ख़्वाब बदलते हैं।


Rate this content
Log in