STORYMIRROR

pawan punyanand

Others

3  

pawan punyanand

Others

पिता

पिता

1 min
272

तेरी गोद मेरा बिछौना,

मुझे था बस वहीं सोना,

तेरा दुलार तेरा प्यार

मुझे रहता

तेरे, घर आने

का इंतजार।

तू, हर मेरी बात,

जाने कैसे,

समझ जाते।

क्या मैं चाहूँ,

क्या मुझे पाना,

कहने से पहले

ले आते।

जीवन के आदर्शों को,

तुमसे सीखा, सीखा,

मैंने तुमसे जीवन जीना।

जो हूँ तेरा हूँ,

तेरे जैसा होना हूँ।

तेरा प्यार से समझाना

या, डाँट-डपट कर,

खुद उदास हो जाना।

अब समझ सकता हूँ,

पिता होने के गहरे भावों

को, अब समझ सकता हूँ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन