फर्क है
फर्क है
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फर्क है तुममें और मुझमें
तुम्हे कपड़ो मे मज़हब दिखता है
मुझे इंसान।
फर्क है तुममें मुझमे
तुम्हे मंदिर मस्जिद मे अपने ईस्ट दिखते हैं
मुझे लोगों के दिल में।
फर्क है तुममें मुझमे
मुझे हर मे राम दिखते हैं
उस तक पहुंचने के
अलग अलग रास्ते दिखते हैं।
