STORYMIRROR

Naval Joshi

Children Stories

4  

Naval Joshi

Children Stories

पहचान अभी बाकी है

पहचान अभी बाकी है

1 min
432

जिन्दगी के कुछ इम्तिहान अभी बाकी है,        

क्या जानती है दुनिया ये पहचान अभी बाकी है     


रह जाती है बस खामियाँ ही आंखों में           

मर गये एहसास अगर तो क्या 


सीने मैं जान अभी बाकी है                               

तोड़ नहीं सकता ये जहां मुझे मेरी 


मंजिल से मोड़ नहीं सकता ये जहां मुझे                     

नहीं मिले इंसान तो क्या भगवान अभी बाकी है  


जिन्दगी के कुछ इम्तिहान अभी बाकी है          

क्या जानती है दुनिया ये पहचान अभी बाकी है। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन