Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Monika Garg

Others

5.0  

Monika Garg

Others

पापा

पापा

1 min
103


मेरी हर तकलीफ को 

जिया है आपने,


मेरी खुशी के लिए 

दुख का घूँट भी पिया है आपने,


हो ना जाए मेरी आँखें कहीं नम

चुरा के मेरी आँखों से आँसू 

उनको खुद में पिरोया है आपने,


धूप में आप मेरी छाया हो पापा,

मेरी खुशी मेरी जन्नत 

मेरा सरमाया हो पापा,


क्यों ढूंढना मुझे उस जहान के खुदा को,

मुझे मिले जो इस जहान में 

आप वो खुदा हो पापा।


Rate this content
Log in