STORYMIRROR

Nisha Nandini Bhartiya

Others

3  

Nisha Nandini Bhartiya

Others

नन्हा पौधा

नन्हा पौधा

1 min
911

बीज डाला धरती में 

नन्हा पौधा उग आया 

हाथ मिलाने मानव से 

कैसा खिलखिलाया।


नरम नाजुक प्यारे से 

कोमल से ये दो पत्ते          

लेते सांस खुली हवा में 

गाते झूमते इतराते।


जल की दो बूंदों से 

बेहद खुश हो जाते 

आशीष में फल से 

सारा कर्ज चुकाते।


धरती माता दोनों की 

दोनों पर स्नेह लुटाती

रहे दोनों मिलजुल कर 

उत्तम सीख दे जाती। 


चलती साँसें दोनों की 

दोनों के जीवित रहने पर

दोनों पूरक एक दूजे के 

रहते एक दूजे पर निर्भर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन