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Basudeo Agarwal

Others

2.3  

Basudeo Agarwal

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मत्त सवैया "2019 चुनाव"

मत्त सवैया "2019 चुनाव"

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(मत्त सवैया / राधेश्यामी छंद)

हर दल जो टुकड़ा टुकड़ा था, इस बार चुनावों ने छाँटा;

बाहर निकाल उसको फेंका, ज्यों चुभा हुआ हो वो काँटा;

जो अपनी अपनी डफली पर, बस राग स्वार्थ का गाते थे;

उस भ्रष्ट तंत्र के गालों पर, जनता ने मारा कस चाँटा।


इस बार विरोधी हर दल ने, ऐसा भारी झेला घाटा;

चित चारों खाने सभी हुए, हर ओर गया छा सन्नाटा।

जन-तंत्र-यज्ञ की वेदी में, उन सबकी आहुति आज लगी;

वे राजनीति को हाथ हिला, जल्दी करने वाले टा टा।


भारत में नव-उत्साह जगा, रिपु के घर में क्रंदन होगा;

बन विश्व-शक्ति उभरेंगे हम, जग भर में अब वंदन होगा;

हे मोदी! तुम कर्मठ नरवर, गांधी की पुण्य धरा के हो;

अब ओजपूर्ण नेतृत्व तले, भारत का अभिनंदन होगा।


तुम राष्ट्र-प्रेरणा के नायक, तुम एक सूत्र के दायक हो;

जो सकल विश्व को बेध सके, वैसे अमोघ तुम सायक हो;

भारत भू पर अवतरित हुये, ये भाग्य हमारा आज प्रबल;

तुम धीर वीर तुम शक्ति-पुंज, तुम जन जन के अधिनायक हो।



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