ममता का बहता सोता
ममता का बहता सोता
1 min
349
रोते बिसुरते हुए मुन्ने को माँ ने ज़ब गोद में उठाया,
उसे खूब पुचकारा और फिर अपने गले से लगाया !
तब जाकर कहीं मुन्ना चुप हुआ और वो मुस्कुराया,
माँ की अनमोल ममता और इतना दुलार जो पाया !
लाडले के किलकने से माँ का ह्रदय हुआ सराबोर,
नन्हें को बार बार किए जाती प्यार और थोड़ा और !
छूटकू बेचारा इतना प्यार पाकर अकुला सा गया,
माँ जो इतना लाड़ बरसा रही उसे ना समझ में आया!
नीर्झर झरने सा निर्मल माँ के प्यार का सोता ज़ब बहता है;
तब बालक उस नेह के सागर में ममता से ओतप्रोत हो जाता है !
