STORYMIRROR

Shweta Mangal

Others

2  

Shweta Mangal

Others

मिट्टी का पुतला

मिट्टी का पुतला

1 min
803

क्या मैं मिट्टी का पुतला हूँ ?


काश ऐसा ही होता

तो मैं अपने सब

प्रियजनों को ख़ुश कर सकती।


हर व्यक्ति की इच्छानुसार

अपने आप को ढाल तो लेती ,

एक इंसान न बनकर

बस मिट्टी का पुतला बन जाती।


सबकी अच्छाइयाँ रख लेती,

ग्रहण न करती कोई बुराई।

काश बन जाती

मिट्टी का पुतला।


अपनों के मुख पर

एक मुस्कान हेतु।


परन्तु नहीं, 

मैं एक इंसान हूँ

नहीं हूँ मैं एक

मिट्टी का पुतला।


Rate this content
Log in