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Dharmendar Nishad

Children Stories Others

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Dharmendar Nishad

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मेरी प्रिय अध्यापिका

मेरी प्रिय अध्यापिका

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घर छोड़ कर शुरू-शुरू में स्कूल चला जब आता था,

मां को याद कर कर के, मैं बहुत आंसू बहाता था,

फिर प्यारी अध्यापिका ने यार से मुझको समझाया,

मैं भी तो मां जैसी ही हूं, ये कह कर मुझको सहलाया,

अपनी प्यारी शिक्षिका को, धन्यवाद चाहता हूं कहना,

आप हमेशा नन्हे मुन्नों संग बस ऐसे ही रहना ।


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