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Dharmendar Nishad

Children Stories

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Dharmendar Nishad

Children Stories

जल ही जीवन

जल ही जीवन

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पानी बचाया जा सकता है,

लेकिन बनाया नहीं जा सकता

दादाजी ने नदी में पानी देखा

पिताजी ने कुएं में,


हमने नल में बच्चों ने बोतल में,

उनके बच्चे कहाँ देखेंगे ?

जरूर विचार करें

एवं पानी को व्यर्थ न करें।


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