STORYMIRROR

Dharmendar Nishad

Children Stories

2  

Dharmendar Nishad

Children Stories

माँ

माँ

1 min
120

माँ तो जन्नत का एक फूल है,

प्यार करना ही उसका उसूल है,

दुनिया की मोहब्बत फ़िज़ूल है,

माँ की हर दुआ कबूल है,


माँ को नाराज करना इनसान तेरी भूल है,

माँ के क़दमों की मिट्टी जन्नत की धूल है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन