मेरी खातिर सबछोड़ चुके हैं
मेरी खातिर सबछोड़ चुके हैं
1 min
140
वो मेरी खातिर सब छोड़ चुके हैं
अपनी जिंदगी का रुख अब मोड़ चुके हैं
उनसे कोई भी कुछ कहता है तो कह लेने दो
वो अब इन कहकहों से बहुत दूर हो चुके हैं
उनकी आंखों में मुझे नयापन नजर आ रहा है
वो फिजूली की बातें भूल चुके हैं।
उनके संग हूं मैं और मेरा दिल
वो अपने को ही खुद से खो चुके हैं
' हेमू ' नई दुनिया की तामील सीख चुका है
वो अपने पुराने खंजरों को फेंक चुके हैं।
