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manisha sinha

Children Stories

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manisha sinha

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मेरे पापा

मेरे पापा

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बरगद का ये पेड़ कुछ कुछ

मेरे पापा जैसा लगता है।

सख़्त खड़ा रहता है और

धूप में छाया देता रहता है।

जैसे इसके पास आने से

सुकून सा एक मिल जता है।

वैसे पापा तुम्हारे होने से

सब दुःख भूल सा जता है।

जाने कितने मौसम झेले

फिर भी डटा हुआ सा रहता है

वैसे मेरे पापा के होने से

सब काम सरल हो जाता है।

कितनी भी हो बाधा लेकिन

आँच ना हमें कभी ,आता है ।



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