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Rekha gupta

Others

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Rekha gupta

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मैं और मेरा अकेलापन

मैं और मेरा अकेलापन

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मै और मेरा अकेलापन,

अक्सर -

घंटो बाते किया करते है,

संवेदनाएं, भावनाएं,

दुख दर्द सांझा करते है,

शोर से परे एकांत मे,

दिल के सभी भाव,

कांच की भांति,

पारदर्शी दिखते है,

उनको उसी रूप मे,

स्वीकार करने की,

एक शक्ति मिलती है,

और फिर -

नकारात्मकता से परे,

एक सकारात्मक ऊर्जा का,

मेरे भीतर प्रवाह होता है,

दृढ निश्चय का,

एक नया रूप मेरे भीतर,

नई संभावनाओ को जन्म देता है।


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