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Kulwant Singh

Children Stories Inspirational

4  

Kulwant Singh

Children Stories Inspirational

माँ तुझको शीश नवाता हूँ

माँ तुझको शीश नवाता हूँ

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माँ तुझको शीश नवाता हूँ,

माँ तुझको शीश नवाता हूँ।

तेरे चरणों की रज पाकर,

अभिभूत हुआ मैं जाता हूँ।

माँ तुझको शीश नवाता हूँ, माँ ...  

 

आशीष वचन सुन तेरे मुँह से,

मैं फूला नहीं समाता हूँ।

माँ तुझको शीश नवाता हूँ, माँ ...  

 

ममता तेरी जब भी पाता,

मैं राजकुँवर बन जाता हूँ।

माँ तुझको शीश नवाता हूँ, माँ ...  

 

गम मुझको हैं छू नहीं पाते,

आँचल जब तेरा पाता हूँ।

माँ तुझको शीश नवाता हूँ, माँ ...  

 

अवगुण मेरे ध्यान न लाये,

मैं हर दिन माफी पाता हूँ।

माँ तुझको शीश नवाता हूँ, माँ ...  

 

मेरी दुनिया तू ही माँ है,

तुझमें ही सब कुछ पाता हूँ।

माँ तुझको शीश नवाता हूँ, माँ ...  


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