माँ सरस्वती !
माँ सरस्वती !
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कह चंचल चिड़ियाँ ने बोला
सुंदर सुखद मधुर ये बेला
हँस लो गा लो होके मगन
साथ में मिल के झूमें गगन
झूमें फूल पत्तियाँ और टहनी
साथ में झूमें बहियाँ और बहिनी
माँ सरस्वती की पूजा करते
ख़ुद में नित उनकी ऊर्जा भरते
विद्या की देवी हैं संगीत इनसे
हर रीत इनसे है हर गीत इनसे
हर रंग इनसे है उमंग भी इनसे
फूलों की हर एक सुगंध भी इनसे।
