माँ सरस्वती !
माँ सरस्वती !
1 min
421
कह चंचल चिड़ियाँ ने बोला
सुंदर सुखद मधुर ये बेला
हँस लो गा लो होके मगन
साथ में मिल के झूमें गगन
झूमें फूल पत्तियाँ और टहनी
साथ में झूमें बहियाँ और बहिनी
माँ सरस्वती की पूजा करते
ख़ुद में नित उनकी ऊर्जा भरते
विद्या की देवी हैं संगीत इनसे
हर रीत इनसे है हर गीत इनसे
हर रंग इनसे है उमंग भी इनसे
फूलों की हर एक सुगंध भी इनसे।
