लंका करा बिरान
लंका करा बिरान
लंका करा बिरान पवनसूत आवा ना
नापा तू असमान पवनसूत आवा ना
धरम करम क होत बा हानि
पानी तोही बचावा
फंस गइलें कुल दुबरा
अबरा अब्बो ठोंके दावा
मेहना मारी गांव जहान पवनसूत आवा ना
लंका करा बिरान पवनसूत आवा ना
बिरथा हो जाई दान दिहल कुल
मान बची ना तोहरो
सेवक हउआ रामलला क
भला न होई केहरो
एहरो करा धियान पवनसूत आवा ना
लंका करा बिरान पवनसूत आवा ना
मानस क चौपाई बचले
काम चली न मालिक
पुरखन क पगड़ी मुँहवा पर
सबके पोती कालिख
सरयू क अभिमान पवनसूत आवा ना
लंका करा बिरान पवनसूत आवा ना
गज गोनिया से नाप के नाही
बनल केहू ह भगवन
बसूला अउर रुखानी में
फिर काहें होता अनबन
फेंका गदा उतान पवनसूत आवा ना
लंका करा बिरान पवनसूत आवा ना
~ धीरेन्द्र पांचाल
