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Harshita Dawar

Others

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Harshita Dawar

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लिखती रही कलम

लिखती रही कलम

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लिखती रही कलम

लिखने के लिए


खाते में है सब

दिखने के लिए


चुप में सौ सुख

कहने के लिए


हँसते रहे सब

हँसी उड़ने के लिए


दिखावे में है सब

दिखाने के लिए


सच है ये सब

सामना करने के लिए



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