STORYMIRROR

Vrajlal Sapovadia

Children Stories

3  

Vrajlal Sapovadia

Children Stories

कुदरत की होली

कुदरत की होली

1 min
213


कुदरत खेलती अपनी प्यारी होली 

फूल पत्ते और डाली की टोली 


सरसों की चादर छायी खेत में पीली 

अपराजिता, कमल, कौमुदी है नीली  


पलाश ढाक बनाता सिंदूरी लाल बाग़ 

शानदार नज़ारा जाने जंगल की आग 


चंपा चमेली सब से उज्जवल श्वेत 

जामुन बदले रंग कैसे लाल से अश्वेत 


गुलाब शोभे लाल गुलाबी रंग भरा 

अशोक और धनिया पत्ते सुन्दर हरा 


केसर चन्दन का रंग बहुत अद्भुत  

सुगंध से करे सब को अभिभूत 


कुदरत खेलती अपनी प्यारी होली

मत करो नफरत ये प्यार से बोली 



Rate this content
Log in