किताबें
किताबें
1 min
352
किताबें करती है बातें बीते जमाने की,
दुनिया की इंसानों की।
प्यार की मार की
जीत की हार की
दिन की रात की
खुशियों की गमों की
फूलों की बमों की
आज की कल की
एक एक पल की
किताबें आपसे कुछ कहना चाहती हैं
आपके पास रहना चाहती हैं
किताबों में चिड़ियां की चहचहाहट है
किताबों में हर किसी की आहट है।
किताबों में कलियां गाती है
किताबों में नदियां कल कल गाती है।
किताबें करती है बातें,
सुबह की शाम की
प्रेम और सम्मान की
हर किसी के अभिमान की
धरती और आसमान की
अनजान और पहचान की
आन बान और शान की।
