खूबसूरत वातावरण......
खूबसूरत वातावरण......
कितना मासूम है वह,,
कितना सुंदर है वह,,
चाहे उसे कुछ भी बोलो,,
फिर भी खुशियां देता है वह,,
सपनों की दुनिया में,,
अपना सा दिखता है वो,, वह
फिर भी लोग समझते नहीं,,
कितना खूबसूरत लगता है वह,,
धूप में छाया देता,,
बगियों को महकाता,,
हर सुबह जिन पर चिड़िया,,
बैठकर गाती गाना,,
रात में जिसके नीचे,,
ठंडी हवा बह आता,,
जिनके छाया में बैठकर,,
आदमी थोड़ा मुस्कुरा जाता,,
जो हमें जीवन देता,,
खुशियां आता,,
ऐसे सुंदर वातावरण को,,
क्यों नहीं दुनिया अपनाती?
क्यों लोग निर्दई हो रहे ?
क्यों पेड़ों को काटे?
क्यों दूसरों का घर उजाड़ कर?
अपना घर है बसाते।
