Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Anand Kumar

Others

4.3  

Anand Kumar

Others

खुशनसीब हो

खुशनसीब हो

1 min
382


खुशनसीब हो अगर 

दो वक़्त की रोटी के लिए ज़द्दोज़हत नहीं है 

कि अगर, तीन वक़्त भरपूर भोजन नसीब है। 


खुशनसीब हो अगर 

तन ढंकने भर के कपड़े के साथ साथ 

कि अगर, ओढ़ने को चादर भी हासिल है।


खुशनसीब हो अगर 

चाहे खप्पड़ की, पर सर पे एक छत है 

कि अगर, किराया भरने को

खर्च में कटौती की नहीं जरूरत है।


खुशनसीब हो अगर 

घर में एक मोमबत्ती रखी है 

कि अगर, वो सिर्फ बिजली जाने पर ही जलती है।


खुशनसीब हो अगर 

रोटी, कपड़ा, मकान और बिजली की रोज़ हासिल है, 

याद रहे, ये जरूरत तो है सबकी, पर हासिल बस कुछ को है। ।



Rate this content
Log in