STORYMIRROR

Sonam Gupta

Others

3  

Sonam Gupta

Others

खुद से बेईमान थी मै!!

खुद से बेईमान थी मै!!

1 min
292

जब मुझे उसकी जरूरत होती है

तो मेरे पास नहीं रहता वो

जब मेरी भावनाओं को हाथ चाहिए

तो साथ नहीं रहता वो

खुद से बात कर कर थक गई हूं मैं

की वो आयेगा ।

थोड़ा और सही...

मेरे जाने के बाद आ गया तो !


यार उसे देखे बिना नींद नहीं आती,

जानता है वो ...

आयेगा वो....

खुद के इन झूठे दिलासों से थक गई हूं मैं 

रात गुजर गई उसके इंतजार में ....

और इंतज़ार के साथ साथ

उम्मीद का सूरज भी डूब गया मेरा

उसकी एक किरण तो दिखी थी

पर वो भी दीप बुझ गया मेरा।

जहाँ दुनिया के लिए सूरज की

किरण छा रही था

वहीं मेरी उम्मीद की किरणें

डूबती जा रहा थी


जहाँ दुनिया सवेरे से आँखो को भर रही थी

मेरे दिल में अंधकार का बादल छा रहा था

अपनी ही उम्मीद को इस तरह टूटता देख 

परेशान थी मैं

जब मुझे उसकी जरूरत थी

खुद से बेईमान थी मैं!!!!


Rate this content
Log in