STORYMIRROR

Thakkar Nand

Others

4  

Thakkar Nand

Others

खुद पर भरोसा रखना

खुद पर भरोसा रखना

1 min
628

ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना

अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना


उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को

उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना


आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।

आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना


बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो

मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना


क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी

जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना


वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन

वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना।


Rate this content
Log in