जो बोया वो काटा
जो बोया वो काटा
1 min
227
आज जो बोया है, कल उसे कटना है,
आज के कर्मों का कल, करना सामना है,
सद्कर्म किये तो चैन से रहेंगे,
दुष्कर्म का दण्ड भी, आप कभी भुगतेंगे
पेड़ जो लगायेंगे, मीठे फल खायेंगे
ठंडी सी छाया का, खूब सुख उठाएंगे
पेड़ जो काटेंगे, बहुत दुःख पायेंगे
छाया को तरसेंगे ,फल कहां पायेंगे...
