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Kumar Vikash

Others

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Kumar Vikash

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जीवन की चाह

जीवन की चाह

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इस कोरोना काल ने

बुद्धि को अजीब कशमकश में डाल दिया है , 

समझ ही नहीं आ रहा की

इन्सान के लिये पैसा जरूरी है या जीवन ।। 


एक बात तो स्पष्ट है की

इन्सान के लिये जीवन जरूरी है ,

और जीवन की चाह बिन पैसों के अधूरी है ।। 


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