"जीवन के रंग"
"जीवन के रंग"
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जीवन में घुले हैं कई रंग हर रंग को आजमा लीजिये,
कभी भीगिये, कभी डुबिये , कभी हाथों से छपछपा लीजिये।
जिस मोड़ पर मिले चितेरे सभी रंग,
जान लीजिये बचपन चल रहा है संग,
कभी हंसकर, कभी मुस्कुराकर,
इन पलों से खुद को गुदगुदा लीजिये।
जीवन में..........
नीला, पीला,लाल गुलाबी और बिखरा हो बासंती रंग,
मान लीजिये चल रहे हम यौवन के संग।
कभी झुमिये, कभी गाइये,
रूककर इन लम्हों को गुनगुना लीजिये।
जीवन में.....
सत्य-शांति का ओढ़िये सदा श्वेत रंग,
हरे से सीखिये सदा हँसने का ढंग,
कभी छुपिये , कभी बचिये,
कालिख से खुद को बचा लीजिये।
जीवन मेंं… .
