जादू की झप्पी
जादू की झप्पी
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आज पापा की पड़ी डांट
शरारत खूब जो की हमने
शिकायत जो सब ने कि हमारी
खेल कूद पर हुई पाबंदी
खींचे गए थे कान हमारे
रोना धोना किया खूब हमने
बिन खाए ही सो गए
ना किसी से की बात
नींद में आकर किसी ने
सहलाया सर मेरे
माथा चूमा
आंखे खोल देखा तो
मना रही थी मां
एक प्यार भरी जादू की झप्पी से।
