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Dayasagar Dharua

Others

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Dayasagar Dharua

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इस साल

इस साल

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इस साल

मैंने मेरे हर हार पे मरना सीखा

ताकि दुबारा पैदा हो सकूँ

फिर से हारने या हराने के लिए।


इस साल

मैने हर गीतों पर नाचना सीखा

ताकि मैं हमेशा झूम सकूँ

किसी भी धुन मे किसी भी लय में।


इस साल

मैने हर लम्हों को संवारना सीखा

ताकि उन्हें महसूस कर सकूँ

जब तन्हाई डसने की कोशिश करे।


इस साल

मैने हकीकत को करीब से देखना सीखा

ताकि उसमें तब्दील कर सकूँ

मेरी जटिलता रहित नायाब सपनों को।


इस साल

मैने हँसी को बेहतर तरिके से बोलना सीखा

ताकि सब तक उस खुशी को बाँट सकूँ

ताकि मुझ सा कोई दूजा वंचित न रह जाये।


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