इबादत
इबादत
1 min
161
हम सब हैं ईश्वर की संतान
करते हैं उसका सम्मान
अलग अलग विधियां सब की
कोई सादे फूल चढ़ाये कोई महंगी बर्फी
सबकी अपनी श्रद्धा है सबका है विश्वास
पर तुम ही जानो हे प्रभु सबके मन के भाव
बस हम यही करते हैं अर्जी हमारी अरदास को
ठुकरा दो या प्यार करो ये आप की मर्जी।
