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Sonu Raj

Others

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Sonu Raj

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ग़लतफ़हमी

ग़लतफ़हमी

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ना है यह( मुख) साधारण अंग

हर बात दूसरे को समझाता व्यंग्य

कम खोलो या ज्यादा खोलो

हर बात में झगड़ा ही मोलो


देता मैं खुद को दुहाई

लोग समझते अपनी बुराई

पथिक हूँ मैं अनजाना

प्रभु मुझे मार्ग बताना


कोशिश करता लाना मुस्कुराहट

लोगों को होती अपनी घबराहट

इरादा नहीं किसी का खिल्लियाँ

उड़ाना

लोग समझते खुद का मज़ाक

बनाना


पथिक हूं मैं अनजाना

प्रभु मुझे मार्ग बताना



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