STORYMIRROR

Veenu Das

Others

2  

Veenu Das

Others

एक सुबह नई

एक सुबह नई

1 min
412

दौड़ती सी जिंदगी आज अचानक से रुक गई


तुम जानती हो मैं सिर्फ बीत रही हूं ?

ऐसा वो मुझसे सवाल कर गई


वक्त से ज़रा सा लम्हा चुरा कर

सोचा मैंने दिल लगाकर


हाँ सच में बस गुजर ही तो रही है ये जिंदगी

छूट रहा है सबकुछ अब हर घड़ी


सोचती हूं

थामूं फीर से इसका छोर कोई

रंग भर दूँ इसमें और कई


अचानक देखा मैंने फिर

जैसे होने लगी है फिर एक सुबह नई....


Rate this content
Log in