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Sapna Aggarwal

Others

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Sapna Aggarwal

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एक पिता

एक पिता

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आज अचानक से एहसास हुआ

कि तुम बड़ी हो गई हो,

जूही की नन्ही सी कली से

खिला हुआ एक फूल हो गई हो।

और दिल ने एक ही सवाल किया, कब? 


अभी कुछ दिनों पहले ही तो मैं तुम्हें घर लाया था,

कुछ दिनों पहले ही तो तुुमने मुझे पहली बार पापा कहकर बुलाया था।

कुछ दिन पहले ही तुम्हारा पहला दांत आया था,

कुछ वक्त पहले ही तो मैं अपनी गुड़िया के लिए एक गुड़िया लाया था।


अभी हाल ही में तो तुम अपनी पिंक फ्रॉक पहन कर

अपने नन्हे नन्हे कदमों से चलकर मेरे पास आई थी,

कुछ दिनों पहले ही तो तुुमने अपनी तोतली आवाज में कविता गा कर सुनाई थी।

कुछ ही दिन पहले ही तो मैं तुम्हारी उंगली पकड़कर तुम्हें पहली बार स्कूल छोड़कर आया था,

जब मैंने अपना पूरा दिन तुम्हारी चिंता में बिताया था,

और छुट्टी में जब तुम भाग कर मेरे पास आई थी, मैं खुशी से मुस्कुराया था।

अभी दो दिन पहले ही तो तुम्हारी मां की डांंट से डरकर, तुम मुझसे लिपट कर रोई थी।


और आज

देखते ही देखते तुम अपने पांव पर खड़ी हो गई,

विश्वास नहीं होता मुझे की‌ मेरी नन्ही सी परी इतनी बड़ी हो गई।

 



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