ए जिंदगी
ए जिंदगी
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जिंदगी तुझसे शिकायत तो कभी न थी
ए जिंदगी ! बहुत सताया तूने
कभी हँसाया तो कभी हँसी के लिए तरसाया
सबके साथ चले हम पर खुद को तन्हा पाया हमने
न की कभी शिकायत ,खुद पर ही हँसते रहे हम
खाये अपनों से धोखे पर किसी को धोखा दिया नहीं हमने
देखा है टूटते हुए अपने सपनों को अक्सर
पर सपने देखना छोड़ा नहीं हमने
मंजिल न मिली तो गिला नहीं
रास्तों को ही हमसफ़र बनाया हमने
ए जिंदगी बहुत खूबसूरत है तू
तेरे हर रंग को गले लगाया हमने
