STORYMIRROR

priyanka tomar

Others

3  

priyanka tomar

Others

दुख के रोगी

दुख के रोगी

1 min
108

दुख के रोगी सभी पायें

सुख कि चिंता किसको न खाये

सुख - सुख करता मानव दुख से है

घिरता जाये हाये ये सुख कहाँ मिलेगा

कहाँ मिलेगा ये मानव कहते - कहते

एक दिन मानव कि मृत्यु हो जाये

भगवन कहे है मानव क्यों व्यर्थ चितंत होता

सुख - दुख तो जीवन का खेल

आज दुख है तो कल सुख का नया सवेरा है

कुछ क्षण के सुख में तो मुझको तू भूल गया

जब तुमपे दुख की छायाँ आयी तब तुमने मुझको खुब बुलाया

मानव कहे भगवन मुझको अब तुम माफ करो

ये मेरी थी भूल जो आपको गया भूल गया

क्या आप ये भूल गये मानव तो गलती मुरत है

जो माफ करे भगवन की ही सुरत है

वो भगवन की हीे सुरत है

    

        


Rate this content
Log in