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Nishtha jain

Children Stories Inspirational Children

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Nishtha jain

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दोस्ती का रिश्ता

दोस्ती का रिश्ता

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कुछ अकेले से थे हम,

सफर में नए लोग मिल गए,

दोस्ती का रिश्ता ऐसा था,


अनजान हो कर भी हम,

एक दूसरे की जान हो गए।

यारों की दोस्ती ऐसी थी,

जैसे गहरे पानी में अनमोल सा मोती,


रूठे भी हम, लड़े भी हम,

हंसते गाते भुला देते एक दूसरे का गम।


दिल चाहता है,

कभी ना बीते यह चमकीले दिन,

दिल चाहता है,‌

कभी ना रहे हम यारों के बिन।


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