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RAJNI SHARMA

Others

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RAJNI SHARMA

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दिव्यानी नर्मदा

दिव्यानी नर्मदा

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राजा मैखल की आत्मजा जानो वैवाहिक शान, 

गुलाबकावली पुष्प से होगा जो शोभायमान,

प्राप्त होगा उसी को दिव्य नर्मदा का सम्मान,

सोनभद्र से क्रोध हो आजन्म कुंवारी व्रत ज्ञान।।


रहस्यमी नर्मदा सरिता का जन्म स्तुति बखान,   

विष्णु अवतार वेदव्यास द्वारा स्कन्द पुराण,

प्रभु शिवा सुता अमरकंटक है उद्गम स्थान,

मैकाले गिरि कृपासागर की व्रती कन्या समान।।


वाहिनी गंगा तट काशी का पंचक्रोशी स्थल में,

दस हजार वर्षों का शिव तपस्या का वरदान,

पाप नाशिनी सरिता कंकर कंकर शंकर जान,

शिवालयों मे नर्मेदश्वर शिवलिंग है विराजमान।।


आदित्येश्वर तीर्थंकर का स्तुति अनुष्ठान,

भोले पार्वती देवताओं का निवास स्थान,

दर्शन परिक्रमा का फल प्रतिष्ठा का पुराण,

खम्बात की खाड़ी में गिरने पर देती प्राण।।



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