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Abhishek Singh

Others

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Abhishek Singh

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दीपावली की शाम

दीपावली की शाम

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दीपावली की थी शाम वो,

जब कोल्ड वार था बीच हमारे।


पिछले दो दिन से ख़फ़ा था,

उनके एक विचार से।


दीपावली के दिन रोया ख़ूब,

आँख मिलायी न उनसे।


न उठाया कॉल कोई,

न मैसेज का दिया जवाब।


जी भर के मैं रोता रहा,

आँखे गयी उनकी सूज।


फिर दिल से पुकारा उन्होंने,

ख़ुद को पाया न मैं रोक,

उनकी तरफ़ मैं दौड़ा आया।


आँसू पोंछ गले लगाया,

साथ में डेरी मिल्क और

फ़ाइव स्टार भी लाया।


ऐसे पहली दीपावली मनाया,

उनके साथ, जब मैं दिल्ली आया।


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