Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Neerja Sharma

Others


5.0  

Neerja Sharma

Others


ढलता सूरज

ढलता सूरज

1 min 204 1 min 204

ढलता सूरज 

गहराती लालिमा

अंधेरे में भी आस 

दूर आसमान में 

आधा चंद्रमा देता है साथ

जब सूरज डूब जायेगा 

मैं दूँगा साथ


अद्भुत प्रकृति के अद्भुत रंग 

मानव के साथ चलती संग संग 

ग़लती हमारी जो पर्यावरण

बिगाड़ते 

मुसीबत आने पर दोष प्रकृति

पर डालते 


हर रोज़ सुबह 

सूरज का उगना 

हर शाम सूरज का ढलना 

क्या कोई रोक पाया ?

फिर क्यों मानव स्वयं पर

इतराया ?


सब खेल कर्मों का है 

सतकर्म कर विजयी भव

सूरज बन 

उगता भी लाल 

डूबता भी लाल

पर..

दोनों का हर कोई करता

इंतज़ार ..

         


Rate this content
Log in