STORYMIRROR

Garima Kanskar

Others

2  

Garima Kanskar

Others

चूड़ियाँ

चूड़ियाँ

1 min
310

कोई भी मौका हो

कोई कितना भी रोके

कितना भी सिंगार कर लो

बिना चूडियों

के सब अधूरा अधूरा

से लगता है

चूडियों के साथ

ही पूरा पूरा से लगता है

लाल नीली

हर पीली सुंदर

चूडियों से सज

जाती कलाई

जो हर किसी को

पसंद आई

और ढेरों

खुशियाँ सभी

के मन मे समाई

चूडियों की खनखन

लगती है मन को

सुनसुन

जो बात जुबान

नहीं कह पाती

वो चूड़ियाँ कह जाती है

खमोशी की जुबान बन जाती है


Rate this content
Log in