STORYMIRROR

Sandeep Kumar

Others

2  

Sandeep Kumar

Others

चोर से ज्यादा कोई प्योर नहीं

चोर से ज्यादा कोई प्योर नहीं

1 min
251


चार पैसे हम कमा लिए तो

भूल गए सब संबंधों को

रे टे करते चल पड़े हैं

नाना दादा बहनों को।


दो दिन की अनुभव से 

बता रहे हैं हम बरसों को

कैसे जी जाती जिंदगी

तौल रहे हैं परसों से।


बूढ़ा दादा फीका पड़ा है

छोटे बेटे के तेवर से

पत्नी तौल ली पति को

पिता के एक जेवर से।


तब हमें समझ में आया

दौलत का मोल नहीं है

वर्षों का अनुभव 

दो दिन का निचोड़ नहीं है।


जो जिया है जिंदगी परिश्रम से

वह श्योर नहीं है 

वास्तविकता तो यह है 

चोर से ज्यादा कोई प्योर नहीं है।।




Rate this content
Log in