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Rekha Bora

Children Stories

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Rekha Bora

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चन्द्र यान

चन्द्र यान

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माँ मुझ को भी चन्द्रयान से  

तुमसे मिलने आना है 

तुम कहती थी बूढ़ी नानी

चंदा के संग रहती है 

दिन भर बैठे-बैठे वो तो

सूत कातती रहती है


कितने दिन मैंने राहें देखी

सूत से बनती रस्सी की

जिसे पकड़कर चढ़ जाती

मैं तो नानी से मिलने को

माँ मुझ को भी चन्द्र यान से 

तुमसे मिलने आना है 


झूल रही थी जिस दिन झूला

उस दिन था तूने बोला

पेंग बढ़ा कर नभ को छूना

वहाँ तेरा मामा भोला

माँ मुझ को भी चन्द्र यान से

तुमसे मिलने आना है


सब कहते हैं मम्मा तेरी

पापा के हैं पास गयी

मम्मा पापा तारा बनकर

चंदा के संग खेल रहे

माँ मुझ को भी चन्द्र यान से

तुमसे मिलने आना है


नानी- नाना, मामा- पापा

सबसे मिलने की चाहत  

माँ बतला दो मैं यह सपने

कब तक देखूँ लेकर आस 

बिन तेरे यह बेटी तेरी 

माँ रहती है बहुत उदास 

माँ मुझ को भी चन्द्र यान से 

तुमसे मिलने आना है 


न भेजोगी चन्द्र यान तो

जब मैं बड़ी हो जाऊँगी

बहुत बड़ी वैज्ञानिक बनकर

चन्द्र यान बनाऊँगी

अपने साथियों संग माँ 

तब तुझ से मिलने आऊँगी

माँ मुझ को भी चन्द्र यान से 

तुमसे मिलने आना है



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